मशीनों से छेड़छाड़ के आरोपों को चुनाव आयोग ने नकारा
बीएल कांताराव ने कहा कि प्रदेश के 51 जिलों में बनाए गए स्ट्रांग रूम्स पूरी तरह से सुरक्षित हैं और डबल लॉकर में रखी गई हैं। उन्हें रिटर्निंग ऑफिसर की मौजूदगी में 11 दिसंबर को सुबह खोला जाएगा । स्ट्रांग रूम्स तीन परिधि में सुरक्षित हैं। पहली सुरक्षा स्पेशल फोर्स के हवाले है, दूसरी एसएएफ के जवान और तीसरी पुलिस के जवानों को लगाया गया है। प्रोटोकॉल के साथ प्रत्याशी आरओ के साथ जा सकते हैं स्ट्रांग रूम : कांताराव ने कहा, "जिन 51 जिलों में स्ट्रांग रूम बनाए गए हैं, प्रत्याशियों को इसके बाहर रुकने की व्यवस्था की गई है। जहां पर देखने में नहीं आ रहा है, उन्हें दूर से एलईडी स्क्रीन लगाकर व्यवस्था दी गई है। इन जगहों पर रिटर्निंग ऑफिसर प्रत्याशियों को अंदर ले जाकर दिखाते भी हैं, लेकिन इसके लिए सारे लोग प्रोटोकॉल फॉलो किए जाते हैं। जैसे उन्हें मोबाइल रिजर्व ईवीएम मशीनों को भी सुरक्षित रखा जाता है, उन्हें भी रिटर्निंग ऑफिसर के सामने खोला जाता है।" ईवीएम देरी से जमा हुईं, उसकी रिपोर्ट मंगाई हैं : बीएल कांताराव ने कहा, "28 नवंबर की रात को लेकर जो बातें निकलकर सामने आई हैं। जैसाकि र...